अलीगढ़ शिक्षा

चार दिवसीय आनलाइन विदेशी शिक्षा मेंटरशिप सीरीज कार्यक्रम का आयोजन

अलीगढ़ 21 अक्टूबरः अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के ट्रेनिंग एण्ड प्लेस्मेंट आफिस (जेनेरल) द्वारा विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए विदेशों में उच्च शिक्षा के अवसर ढूंढने में मार्गदर्शन करने तथा इस संबंध में उचित प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए फ्रांस, जर्मनी, इटली, आस्ट्रेलिया, जापान, संयुक्त राज्य अमेरिका तथा अन्य देशों में स्थित पूर्व छात्रों की सहायता से चार दिवसीय आनलाइन विदेशी शिक्षा मेंटरशिप सीरीज कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने कहा कि बहुत सारी चुनौतियों के बावजूद सर सैयद अहमद खान ने आधुनिक शिक्षा से लैस भारत के अपने दृष्टिकोण को कभी नहीं छोड़ा।
उन्होंने छात्रों का आहवान करते हुए कहा कि वह सर सैयद का अनुसरण करते हुए अपने लक्ष्यों की पूर्ति का प्रयास करें।
विदेशों में नए वातावरण के अनुकूल स्वयं को ढालने के संबन्ध में बोलते हुए कुलपति ने कहा कि वैश्वीकृत दुनिया में सही लोगों के लिए अवसर की कमी नहीं हैं। आवश्यकता इस बात की है कि योग्य व्यक्ति इन अवसरों का उपयोग करें और अपना भाविष्य बनायें।
इस आभासी श्रृंखला के समन्वयक, बोस्टन, यूएसए स्थित एएमयू के पूर्व छात्र, डा० सैयद मसर्रत अली ने विदेशी विश्वविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया पर विस्तार से प्रकाश डाला तथा प्रभावी बायोडाटा तैयार करने के महत्व के बारे में बताया।
डीकिन विश्वविद्यालय (आस्ट्रेलिया) की पीएचडी छात्रा सुश्री हुमा खान ने विदेशी विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए स्टेटमेंट ऑफ पेपर्स (एसओपी) लिखने की चरणबद्ध प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए कहा कि छात्रों को अपनी विशेष योग्यता पर ध्यान देनेे की आवश्यकता है तथा उन्हें यह भी देखना होगा कि स्नातक तथा स्नातकोत्तर स्तर पर कौन से पाठ्यक्रम अथवा शिक्षक उनके करियर अथवा मार्गदर्शन में सर्वाधिक सहायक हो सकते हैं।
जीआरई तैयारी पर एक प्रस्तुति में यूएसए की समीरा देसनवी तथा अरीब महमूद ने छात्रों को उनकी रुचि के पाठ्यक्रमों के लिए आवश्यक जीआरई स्कोर प्राप्त करने की अनिवार्यता पर प्रकाश डाला।
यूनिवर्सिटी आफ पेरिस, सैकले, फ्रांस की बेनजीर खुर्शीद ने कहा कि विदेशों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक छात्रों को आईईएलटीएस या टीओईएफएल स्कोर प्राप्त करने के लिए इसके परीक्षा प्रारूप् पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संबन्ध में छात्रों को अपनी कमियों को चिन्हित कर उनको दूर करने के लिए विशेष अभ्यास करना चाहिए।
टीपीओ श्री साद हमीद ने कहा कि इस आभासी कार्यक्रम में भाग लेने के लिए लगभग 1000 एएमयू छात्रों ने पंजीकरण कराया था।
डा० एम ज़ैन खान ने कार्यक्रम का संचालन किया, जबकि डा० जहांगीर आलम, सहायक टीपीओ ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। डा० मुजम्मिल मुश्ताक ने छात्रों के प्रश्नों का उत्तर दिया तथा अतिथियों का आभार जताया।

Related posts

जागरुकता ही बचाव है -स्वस्थ होकर घर वापस लौटे गौरव

dnewsnetwork

अमुवि के यूनानी मेडिसिन संकाय द्वारा एक एक्सट्रा मूराल व्याख्यान श्रृंखला का हुआ आयोजन

dnewsnetwork

भ्रम में ना आये,कोरोना जांच कराएं

dnewsnetwork