अलीगढ़ शिक्षा

STEM की महत्वता विषय पर दो दिवसीय वेबिनार का आयोजन

अलीगढ़, 16 अक्टूबरः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के एपीजे अब्दुल कलाम एसटीईएम-ईआर सेंटर के तत्वाधान में अमुवि तथा ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी के मध्य जारी भारत-अमेरिका के संयुक्त प्रयास के अंतर्गत “21वीं शताब्दी में एसटीईएम एजुकेशन की संभावनाएं तथा एसटीईएम में महिला वैज्ञानिकों का योगदान” विषय पर दो दिवसीय वेबिनार का आयोजन किया गया। वेबीनार में सम्मिलित रिसोर्स पर्सन्स ने महिला वैज्ञानिकों के महत्वपूर्ण योगदान पर प्रकाश डाला जिन्होंने जीवन रक्षक उपायों की खोज की, दुनिया को बदलने वाले आविष्कार किए और दूरगामी अनुसंधान किये।

2020 की शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार विजेता, एएमयू की पूर्व छात्रा तथा आईआईटी कानपुर में वरिष्ठ शिक्षक डा० बुशरा अतीक और आईएसीएस, कोलकाता की प्रोफेसर ज्योतिमयी दाश ने 21वीं शताब्दी की विशाल चुनौतियों के समाधान की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि हमें एसटीईएम क्षेत्र में महिलाओं की क्षमता, बुद्धिमत्ता और रचनात्मकता का प्रयोग करते हुए विज्ञान तथा संसाधन की सहायता से इन समस्याओं के निदान के प्रति क्रियाशाील होना पढ़ेगा।

डा० बुशरा ने “एंड्रोजन डिप्रेशन थैरेपीः द-डबल एज्ड स्वोर्ड इन प्रोस्टेट कैंसर ट्रीटमेंट” पर एक विचारोत्तेजक व्याख्यान प्रस्तुत किया जबकि प्रोफेसर ज्योतिर्मयी दाश ने “बायोलाजिकल सिस्टम में केमिस्ट्री” पर अपने विचार व्यक्त किये।

वेबीनार के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए एएमयू के कुलपति, प्रोफेसर तारिक मंसूर ने कहा कि विज्ञान के क्षेत्र में महिला वैज्ञानिकों के योगदान को न केवल सम्मान और मान्यता देने की आवश्यकता है, बल्कि महिलाओं को प्रेरित करने और एसटीईएम क्षेत्र में युवा लड़कियों की अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।उन्होंने महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अनुसंधान के लिए कार्यक्रम में शामिल शोध कर्ताओं को बधाई दी और छात्राओं को एसटीईएम में अभिनव अनुसंधान करने के लिए प्रोत्साहित किया।

विशेषज्ञ वक्ताओं, प्रोफेसर अनिल प्रधान और प्रोफेसर सुल्ताना नाहर (ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी, यूएस), प्रोफेसर अनुराधा गोदरावर्ती (फ्लोरिडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी, यूएसए), प्रोफेसर एस मजूमदार (टीआईएफआर, मुंबई), प्रोफेसर काजी मजहर अली (विज्ञान संकाय के डीन, एएमयू) तथा प्रोफेसर इकराम खान (सह-निदेशक, एपीजेएएके एसटीईएम-ईआर सेंटर) ने अपने विचार व्यक्त करते हुए इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे महिला वैज्ञानिक विज्ञान की सीमाओं को आगे बढ़ा रही हैं और जटिल वैश्विक चुनौतियों के समाधान की तलाश कर रही हैं।

एसटीईएम-ईआर सेंटर के निदेशक प्रो तौहीद अहमद ने स्वागत भाषण दिया और प्रोफेसर-फर्रूख़ अरजुमंद, सह-निदेशक और कार्यक्रम की संयोजक ने वेबिनार पर एक विशलेषण प्रस्तुत किया।डा० स्वालेह नसीम, इंटरडिसिप्लिनरी नैनोटेक्नोलाजी सेंटर ने धन्यवाद प्रस्ताव दिया। जबकि डा० आसिम रिजवी और डा० सबीहा परवीन के साथ उन्होंने वेबिनार का संचालन भी किया।

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