देश शिक्षा

जिले में लड़कियों की शिक्षा के लिए सक्ष्म बिटिया अभियान की शुरुआत

बेगूसराय: कोरोना महामारी के वजह से देश को आर्थिक और सामाजिक हर तरह के नुकसान से गुजरना पड़ रहा है। लेकिन इन सबके बीच सबसे ज्यादा प्रभाव बच्चो की शिक्षा पर पड़ रहा है,क्यूंकि महीनों से स्कूल बंद हैं। UNESCO के अनुसार लगभग 24 मिलियन विद्यार्थी कोरोना काल के समाप्त होने के बाद वापस नहीं आ पाएंगे, साथ ही एक्सपर्ट कि माने तो लड़कियों के ड्रॉप आउट दर में 20% की वृद्धि हो सकती है।
इसी को ध्यान में रखते हुए नीति आयोग के मार्गदर्शन में आकांक्षी जिलांतर्गत चल रहे कार्यक्रम में पीरामल फाउंडेशन ने लड़कियों के शिक्षा को सुनिश्चित करने के लिए “सक्ष्म बिटिया अभियान” की शुरुआत की है। जिसके अंतर्गत गांव की ग्रेजुएट और अंडर ग्रेजुएट लड़कियों को ट्रेनिंग देकर विद्यालय नहीं जा पा रहे, अपने आस पास की लड़कियों को पढ़ाने की जिम्मेदारी दी है। इसके साथ ही शिक्षा सेवक और तालीमी मरकज को भी इस अभियान से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पीरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधि श्री मिथिलेश सिंह के अनुसार अब तक 400से ज्यादा शिक्षा सेवक और तालीमी मरकज और 150 गर्ल्स वॉलंटियर को ट्रेनिंग दी जा चूकी है। इस अभियान से स्कूल खुलने से पहले हजारों लड़कियों को पढ़ाई की व्यवस्था देने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही छात्राओं को महामारी के वजह से को मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी है उससे उबरने के लिए “सामाजिक भावनात्मक और नैतिक शिक्षण” भी दिया जा रहा है।
छात्राओं के साथ साथ गर्ल्स वॉलंटियर्स को भी ऑनलाइन माध्यम से पीरामल फाउंडेशन के प्रोग्राम लीडर रंजीत कुमार एवं गांधी फैलो क़ासिम अली वीकली सॉफ्ट स्किल्स पर सेशन करवा रहे है, ताकि उन्हें भी इस कार्यक्रम से जुड़कर अपने आप को विकसित करने में मदद मिल सकती है। इस कार्यक्रम में और भी युवतियां जुड़कर अपने व्यक्तित्व का विकास कर सकती है और साथ ही अपने ही घर के आस पास कुछ लड़कियों को पढ़ाकर उनका भविष्य सुरक्षित कर सकती है।

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