अलीगढ़ शिक्षा

केन्द्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा “मुझे विश्वास है कि AMU आगे बढ़ेगा, नई ऊॅचाईयों पर पहुॅचेगा

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय ने स्वाधीनता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और आज भी यह राष्ट्र प्रेम का भाव पैदा करता है। मुस्लिम विश्वविद्यालय की रग-रग में देश भक्ति प्रवास करती है। अमुवि की शैक्षणिक उत्कृष्टता उसे एक बहुमूल्य राष्ट्र धरोहर साबित करती है। विश्वविद्यालय का मेडीकल कालिज एक ऐसे समय में आशा की किरण पैदा करता है, जब देश कोविड-19 के संकट से जूझ रहा है।“ यह विचार केन्द्रीय शिक्षा मंत्री डा0 रमेश पोखरियाल निशंक ने गुरूवार को व्यक्त किये। वह जवाहर लाल नेहरू मेडीकल कालिज के परीक्षा केन्द्र का वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से उद्घाटन कर रहे थे, जो दो करोड़ रूपये की सरकारी सहायता से निर्मित हुआ है।

केन्द्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि अमुवि के संस्थापक सर सैयद अहमद खान हिन्दू-मुस्लिम एकता के समर्थक थे और उन्होंने अपने पूरे जीवन में एकता एवं भाईचारे का संदेश दिया। शिक्षा के सिलसिले में उनका दृष्टिकोंण सभी को साथ लेकर चलने का था। उन्होंने आम भारतीयों की समस्याओं का निराकरण करने का भरपूर प्रयास किया तथा अज्ञानता को दूर करने की मुहिम प्रारंभ की। यह बहुत संतुष्टि की बात है कि अमुवि के शताब्दी वर्ष में उनके सपने साकार हो रहे हैं।
डा0 निशंक ने कहा “मैं कोविड-19 के कारण नकारात्मक परिस्थतियों के बावजूद लगातार सकारात्मक बदलाव के साथ प्रगति सुनिश्चत करने के लिए अमुवि कुलपति को मुबारकबाद देता हूॅ“। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के कारण पूरी दुनियां में हालात बिगड़े हैं उसके बावजूद विशेषकर शिक्षा के क्षेत्र में सरकार इस बात के लिए दृढ़ संकल्पित है कि हमारे शिक्षा केन्द्रों और हमारे छात्रों पर नकारात्मक प्रभाव न पड़े।

केन्द्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा “मुझे विश्वास है कि यह विश्वविद्यालय आगे बढ़ेगा, नई ऊॅचाईयों पर पहुॅचेगा और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक माॅडल विश्वविद्यालय बनकर उभरेगा जो ज्ञान, विज्ञान तथा तकनीकी अविष्कारों का केन्द्र होगा“।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि यूनिवर्सिटी के शिक्षक कोरोना योद्धा हैं जो इन कठिन परिस्थितियेां में भी युवाओं को शिक्षा के विज़न से जोड़े रखने में सहायता कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा केन्द्र के उद्घाटन के साथ जवाहर लाल नेहरू मेडीकल कालिज की एक पुरानी समस्या हल हो गई है और मुझे विश्वास है कि इस संस्थान के मेडीकल छात्र बुलंदियों पर पहुॅचेगें और राष्ट्र को गौरान्वित करेंगे।
डा0 रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि जेएनएमसी और एएमयू में यह क्षमता है वह भारत को नई शिक्षा नीति के अनुसार ग्लोबल नाॅलिज सुपर पाॅवर बनाने के हमारे सपनों को साकार कर सकें जिसका उद्देश्य देश में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा को सुनिश्चत करना है।

आनलाइन उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए अमुवि कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने डा0 रमेश पोखरियाल की साहित्यक सेवाओं का उल्लेख किया और शिक्षा के क्षेत्र में उनके नेतृत्व को सराहा। उन्होंने कहा कि “वह एक प्रतिष्ठित लेखक हैं और उनकी पुस्तकों का अंग्रेजी और विभिन्न भारतीय भाषााओं में अनुवाद हुआ है। साहित्य के प्रेमियों तथा आलोचकों के लिए उनकी पुस्तकें उच्च स्तर की हैं“।
प्रोफेसर मंसूर ने कहा कि डा0 रमेश पोखरियाल निशंक ने देश को नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति दी है जिसे पूरी दुनियां में सराहा गया है और जो भारत में शिक्षा का भविष्य बेहतर करेगी।
कुलपति ने बल देते हुए कहा कि जेएनएमसी कोरोना वायरस के विरूद्ध लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभा रहा है जहाॅ कोविड-19 रोगियों के स्वस्थय होने का औसत बहुत अच्छा है और वह पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश को चिकित्सा सेवायें दे रहा है।
उन्होंने कहा “जेएनएमसी के वायरोलोजी लैब में कोविड-19 के 75000 से अधिक नमूनों की जाॅच हो चुकी है और यहाॅ 100 बेड के आइसोलेशन वार्ड, विशेष आपरेशन थियेटर, लेबर रूम और कोविड रोगियों के लिए डायलेसिस यूनिट की सुविधायें उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त जेएनएमसी ने प्लाजमा थेरेपी बैंक भी स्थापित किया है।
कुलपति ने कहा कि जेएनएमसी में उच्च स्तर की सुविधायें उपलब्ध हैं फिर भी यहाॅ एक परीक्षा केन्द्र की आवश्यकता थी जिसका आज उद्घाटन होने से हम अवश्य रूप से देश की प्रगति में अपनी और बेहतर भूमिका निभा सकेंगे।
धन्यवाद ज्ञापित करते हुए अमुवि रजिस्ट्रार श्री अब्दुल हमीद आईपीएस ने केन्द्रीय शिक्षा मंत्री को शताब्दी वर्ष के तहत होने वाली गतिविधियों से अवगत कराया तथा उद्घाटन समारोह के लिए अपना कीमती समय देने के लिए उनका शुक्रिया अदा किया। कार्यक्रम का संचालन डा0 फायजा अब्बासी ने किया।

 

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